चुनावी रणनीति के तहत भाजपा अगले नौ दिनों तक आम आदमी पार्टी से हर रोज एक सवाल पूछेगी और उसका जवाब देने की चुनौती देगी। इस कड़ी में बृहस्पतिवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने पूछा कि एमसीडी के 20 हजार करोड़ रुपये दिल्ली सरकार क्यों दबाए बैठी है। इस वजह से कर्मचारियों को वेतन देने में दिक्कत आ रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी और सांसद रमेश बिधूड़ी ने संयुक्त प्रेस वार्ता में आप के दावों की पोल खोलने वाले वीडियो और ट्वीट दिखाया। इसमें टूटी सड़कें, जलजमाव के कारण सड़कों पर कीचड़, खुली नालियों को पार करते बच्चों को दिखाया गया। तिवारी ने कहा कि एक बार फिर साबित हो गया है कि केजरीवाल के पास बताने के लिए अपनी सरकार का कोई काम नहीं है। काम करने वाली सरकार नहीं ये कारनामों वाली ‘झाड़ू सरकार’ है। सच्चाई को छिपाने के लिए केजरीवाल इधर-उधर की बात कर रहे हैं। पानी, बस, प्रदूषण, कॉलेज, फ्लाईओवर और सड़कों की बात नहीं करते हैं।
तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने दक्षिणी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली एमसीडी को दिया जाने वाला लगभग 20 करोड़ का फंड नहीं दिया गया। सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा कि सीसीटीवी कैमरा, मुफ्त वाई-फाई समेत 70 वादों को पूरा नहीं कर दिल्ली की जनता को गुमराह किया गया है।
सीएम का जवाब...
एमसीडी को दिल्ली सरकार से पिछली सरकारों की तुलना में ज्यादा फंड मिला है। हमारी सरकार आने से पहले 2013 में कांग्रेस सरकार थी और 2014 में राष्ट्रपति शासन था। उस दौरान नगर निगम को जितना फंड दिया गया उससे कहीं ज्यादा हमारी सरकार ने फंड दिया है। बावजूद इसके, भाजपा कंगाल हो गई है। आलम यह है कि एमसीडी अपने कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पाती।
-अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री