मीडिया से बात करते हुए निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि उस बेटी के साथ जो हुआ, अगर एक से अधिक लोग हैं, तो सभी आरोपियों को तुरंत पकड़ा जाना चाहिए। उन्हें तुरंत सजा मिलनी चाहिए। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि लड़की के साथ एक व्यक्ति ने मारपीट की या सामूहिक बलात्कार किया।
निर्भया की मां कने कहा कि एक डॉक्टर के साथ इतना घिनौना अपराध तब हुआ जब वह अस्पताल में ड्यूटी पर थी। अगर डॉक्टर अस्पताल के अंदर सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं और लड़कियों के बारे में क्या सोचा जाए।
आगे कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि वहां जो स्थिति बनी है। सरकारें एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं और विरोध प्रदर्शन कर रही हैं, बजाय उस मामले और महिला सुरक्षा पर काम करने और कानून की कमियों पर काम करने के स्वास्थ्य मंत्रालय, पुलिस सब कुछ सीएम (पश्चिम बंगाल) के अधीन आता है।
बंगाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि समझ में नहीं आता कि वह किसके खिलाफ विरोध कर रही हैं। किससे फांसी की सजा मांग रही हैं। कानून उनके हाथ में है, सरकार कम से कम मामले को निचली अदालत में ठीक से भेज सकती है। जब भी ऐसी घटना होती है तो निर्भया का नाम आता है लेकिन हमने निर्भया कांड से क्या सीखा, व्यवस्था में क्या बदलाव आया है? हम अभी भी 2012 में हैं।