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निर्भया ने मौत से पहले मां को लिखी थीं 6 चिट्ठियां, पढ़ कर आपके भी छलक जाएंगे आंसू

Mon, 09 Jul 2018 03:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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nirbhaya
देश के दिल दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को हुए निर्भया गैंगरेप के दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को रद्द करते हुए सभी की फांसी की सजा बरकरार रखी है। इस वारदात के बाद देश में सामाजिक, राजनीतिक और कानूनी तौर पर लोगों में गुस्सा था और कई बदलाव भी देखने को मिले। इस वारदात के बाद निर्भया कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ती रही। इस दौरान पूरा देश उसकी सलामती की दुआएं कर रहा था और वहीं उसके मन में भी उधेड़बुन जारी थी। मौत की नींद में सोने से पहले उसने अपनी मां के नाम कई चिट्ठियां लिखीं थीं। यह चिट्ठियां बाद में मीडिया रिपोर्ट में सामने आईं। जानिए आखिरी पलों में वह  मां से क्या कह गई....
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निर्भया गैंगरेप के दोषी
पहला खत- निर्भया ने मां को पहला खत 19 दिसंबर 2012 को लिखी थी। उस चिट्ठी में वह मां को अपना दर्द बताना चाहती थी कि उसे बहुत दर्द हो रहा है। उसने लिखा था मां मुझे बहुत दर्द हो रहा है। ये दर्द मुझसे सहा नहीं जा रहा। मैं बचपन से डॉक्टर बनना चाहती थी, ताकि मैं लोगों का दर्द दूर कर सकूं। मुझे नहीं पता था कि मुझे ऐसा दर्द झेलना पड़ेगा। डॉक्टरों की दवाइयां भी मेरा दर्द कम नहीं कर पा रही हैं।
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निर्भया - फोटो : SELF
दूसरा खत- निर्भया ने मां को दूसरा खत 21 दिसंबर 2012 को लिखा था। मां दर्द की वजह से मैं ठीक से सांस नहीं ले पा रही। सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। डॉक्टरों से कहो मुझे नींद की दवा न दें क्योंकि सोने पर कोई मेरे शरीर को नोंचता है। मैं बेबस होती हूं। सोते वक्त मुझे क्या समझ आता है मुझे नहीं पता। मेरे आसपास के जितने भी शीशे हैं उन्हें तोड़ दो। खिड़की वाले में भी मैं अपना चेहरा नहीं देखना चाहती।

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nirbhaya
तीसरा खत- निर्भया ने 22 दिसंबर को मां को खत लिखकर बताया कि वह नहाना चाहती है। उसने लिखा मेरे शरीर से उन जानवरों की बदबू आ रही है। इसकी वजह से मुझे अपने शरीर से भी नफरत हो रही है। मां मुझे छोड़कर मत जाना। अकेले में मुझे डर लगता है।
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Nirbhaya Rape Case
चौथा खत- 23 दिसंबर को अपने चौथे खत में निर्भया ने मां को लिखा, पापा कहां हैं? वो मुझसे मिलने क्यों नहीं आ रहे? पापा को बोलना वो दुखी न हों।
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गांव की महिलाओं ने निर्भया को अर्पित की श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
पांचवां खत- निर्भया ने अपनी पांचवीं चिट्ठी जो उसने 25 दिसंबर को लिखी थी, उसमें उसने मां को कहा कि उन जानवरों को मत छोड़ना। किसी को भी माफ मत करना। उस चिट्ठी में उसने अपने दोस्त का भी हाल पूछा था।
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nirbhaya - फोटो : अमर उजाला
छठा और आखिरी खत-  निर्भया ने अपना आखिरी खत 26 दिसंबर 2012 को लिखा और उसमें उसने मां से कहा कि मैं दर्द नहीं झेल पा रही हूं। अब इसे सहते-सहते मैं थक गई हूं। मां, मुझे बहुत दर्द हो रहा है। डॉक्टर से कहकर मुझे दवाई दे दो। मैं अब थक गई हूं। मुझे सोना है। मां, मुझे माफ कर देना।

इसी खत के बाद निर्भया कोमा में चली गई और फिर बाद में उसकी मौत हो गई।
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