निर्भया कांड में शामिल बलात्कारियों में नाबालिग अगले महीने बाल सुधार गृह से रिहा होने वाला है। इस मामले में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सोमवार को उसकी सजा न बढ़ा पाने में अपनी लाचारी और असमर्थता जताई।
उन्होंने कहा कि, इस केस में कानून का पालन तो किया गया, लेकिन वह इस बात को लेकर असमंजस में है कि जघन्यतम अपराध में आने वाला निर्भया गैंगरेप कांड में सुनाया गया फैसला क्या न्याय के हिसाब से सही था।
उन्होंने आगे कहा कि दोषी नाबालिग की रिहाई के बाद भी उसपर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने भी उठाने की बात की।
'न्याय हुआ या नहीं पर कानून का पालन हुआ'
गौरतलब है कि तीन साल तक बाल सुधार गृह में सजा काटने के बाद निर्भया मामले में नाबालिग दोषी की सजा अगले महीने पूरी हो रही है। इसी पर मेनका गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्याय को कानून के साथ मिलाकर उलझना नहीं चाहिए क्यों कि कई बार दोनों में अंतर होता है।
उन्होंने आगे कहा कि हमें कानून को न्याय समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। कानून ने कहा कि वह दोषी है लेकिन सजा के तौर पर केवल बाल सुधार गृह भेजा जा सकता है। मेनका ने कहा कि हम इसी विसंगति को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
अब वो अपनी सजा पूरी करके बाहर आ रहा है और उसके खिलाफ तब तक कुछ नहीं किया जा सकता जब तक वो कोई दूसरा अपराध नहीं करता। मेनका ने आगे कहा कि उन्हें नहीं पता कि न्याय हुआ कि नहीं पर कानून का पालन जरूर हुआ।
'नाबालिग दोषी पर निगरानी रखेगी सरकार'
जब मेनका से पूछा गया कि क्या सरकार उसके दोबारा अपराध करने का इंतजार कर रही है तो उनका जवाब था कि हां मुझे डर है कि हम यही कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वह एक ऐसा इंसान है जिसके ऊपर निगरानी जरूरी है। हम उसे ऐसे ही नहीं जाने दे सकते कि वह फिर कोई अपराध करे।
जब पूछा गया कि निगरानी रखने के लिए क्या उन्होंने कार्रवाई कर ली है तो मेनका ने कहा कि वो बात करेंगी। बता दें कि निर्भया गैंगरेप मामले में दोषी नाबालिग इस साल 15 दिसंबर को ही रिहा हो रहा है। अब वो 21 साल का हो गया है और उसने अपनी 3 साल की सजा बाल सुधार गृह में पूरी कर ली है।
जिस समय यह कांड हुआ यानी 2012 में वह साढ़े 17 साल का था। और उन 6 लोगों में सबसे कम उम्र का था जिन्होंने निर्भया के साथ गैंगरेप किया। इस मामले में 4 अन्य को मौत की सजा सुनाई गई है जबकि 1 ने जेल में ही आत्महत्या कर ली थी।