निर्भया रेप कांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री इंडिया डॉटर के प्रसारण पर देशभर में प्रतिबंध के बावजूद बृहस्पतिवार को इसकी दिल्ली के रविदास कैंप की झुग्गियों में दिखाई गई। आरोपी की बस्ती में यह स्क्रीनिंग रूरल प्रीमियर कैंपेन के तहत केतन दीक्षित ने की। आगरा के रहने वाले केतन ने डॉक्यूमेंट्री पर लगे प्रतिबंध के विरोध में इसकी स्क्रीनिंग की। उन्होंने बताया कि इसे करीब 40 लोगों ने देखा। मगर आरोपियों के घर का वहां कोई नहीं था।
गौरतलब है कि यह फिल्म विदेशी फिल्म निर्देशक लेस्ली उडविन ने बनाई थी। तिहाड़ में पांच आरोपियों में से एक मुकेश का इंटरव्यू इस वृत्तचित्र में है, जिसमें आरोपी ने महिलाओं को लेकर गलतबयानी की है। बाद में गृहमंत्री व अदालत ने इसके प्रसारण पर रोक लगा दी थी। रोक के बावजूद बीबीसी ने इस डॉक्यूमेंट्री को भारत के बाहर प्रसारण कर दिया, जिसके बाद संसद में खूब हंगामा मचा।
केतन दीक्षित ने दावा किया है कि यह उनकी पहली स्क्रीनिंग नहीं है। वह इससे पहले इसे आगरा में भी दिखा चुके हैं। वहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया। अब उन्होंने दिल्ली में सरकार की ओर से लगे प्रतिबंध के विरोध में इसे दिखाया है। रविदास कैंप वही इलाका है, जहां पर रेप के आरोपी रहते थे। केतन ने कहा कि इस फिल्म में कुछ ऐसा नहीं है, जिस पर पाबंदी लगाई जाए।
कौन है केतन दीक्षित
केतन दीक्षित आगरा के रहने वाले हैं। वह पत्रकारिता करने के बाद अंग्रेजी व हिंदी मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। उनके फेसबुक प्रोफाइल की मानें तो वह स्टॉप एसिड अटैक कैंपेन से भी जुड़े रहे हैं। मगर उनका कहना है कि इस फिल्म को उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दिखाया है।