निर्भया के दोषियों ने कई बार व्यवस्था का मजाक उड़ाया है, इसलिए उन्हें प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। यह तल्ख टिप्पणी हाईकोर्ट ने दोषियों के साक्षात्कार के लिए मीडिया की याचिका पर सनुवाई करते हुए बीते गुरुवार को की।
हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में सभी दोषियों मुकेश, पवन, विनय और अक्षय के व्यवहार के आकलन के आधार पर यह बात कही थी। सभी दोषियों को 20 मार्च को फांसी देने के लिए अदालत ने डेथ वारंट जारी किया है।
मीडिया हाउस ने अपनी याचिका में तिहाड़ जेल के उनके आवेदन को खारिज करने को भी चुनौती दी है। इस याचिका में चारों दोषियों के साक्षात्कार की अनुमति मांगी गई थी। इसमें दावा किया गया है कि साक्षात्कार के पीछे का उद्देश भविष्य में समाज को एक संदेश देना है।
मीडिया हाउस ने इस संबंध में तिहाड़ जेल अधिकारियों से 25 फरवरी को अनुमति मांगी थी। जेल प्रशासन ने दो दिन बाद इसे अस्वीकार कर दिया था। इस मामले की अगली सुनवाई आज यानी 11 मार्च को होनी थी।