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निर्भया: आदलत के फैसले के बाद भी फांसी कोठी जाने से बचे दोषी, ये है कारण

Thu, 09 Jan 2020 05:22 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला
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निर्भया के दोषियों में से एक विनय शर्मा ने गुरुवार सुबह सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दायर की, जिसके बाद फांसी टलने को लेकर लोगों के बीच एक बार फिर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। इसी बीच गुरुवार दोपहर को चारों दोषियों को जेल प्रशासन ने उनके सेल से दूसरे सेल में शिफ्ट कर दिया है। इसे लेकर लोगों के बीच हलचल तेज हो गई है। 
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तिहाड़ जेल
बुधवार को चारों दोषियों को तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट किया गया था। जिसके दूसरे ही दिन यानी आज उन्हें जेल संख्या दो के कस्तूरी वार्ड में भेज दिया गया है। फांसी के निर्धारित समय से 24 घंटे पहले उन्हें फांसी कोठी में भेजा जाना है, जो कि जेल नंबर 3 में हैं।

तिहाड़ जेल
हालांकि फिलहाल उन्हें कस्तूरी वार्ड में रखा गया है, जहां उनपर 24 घंटे कड़ा पहरा है। उनपर सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। कस्तूरी वार्ड में वे पूरी तरह से अकेले हैं। यह जेल के बिल्कुल एकांत हिस्से में है जहां दोषियों को किसी से मिलने जुलने की इजाजत नहीं है। 

निर्भया के चारों दोषी - फोटो : Social Media
बता दें कि लंबे समय से फांसी कोठी का प्रयोग नहीं होने को कारण वहां की कई चीजें सही हालत में नहीं हैं, इसलिए फिलहाल फांसी कोठी में मरम्मत का काम चल रहा है। मरम्मत के बाद ही दोषियों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। 
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फार्म नंबर 42 (डेथ वारंट) - फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि बीते सात जनवरी को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी कर दिया है। इस वारंट में 22 जनवरी को सुबह सात बजे चारों की फांसी निर्धारित की गई है। 
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