उनका कहना है कि वह चारों दोषियों से मिलकर यह बताना चाहते हैं कि उनके पास कुछ अच्छा करने का अंतिम मौका है और ऐसे में वह अंगदान कर कई जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं।
संस्था के प्रमुख राहुल शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने संस्था के लोगों से विचार विमर्श कर यह पहल की है। उन्होंने दिसंबर में तिहाड़ को इस संबंध में पत्र भी लिखा था। जेल प्रशासन से जवाब न मिलने पर उन्होंने न्यायालय से गुहार लगाई है।