निर्भया मामले में दोषी विनय ने याचिका दायर कर खुद को सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हुए बेहतर इलाज कराने की मांग अदालत से की थी। इस याचिका पर अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा था।
इस याचिका में आग्रह किया गया है कि विनय मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया और हाथ व सिर में लगी चोट का बेहतर इलाज करवाना चाहता है। अदालत ने 17 फरवरी को तीसरी बार डेथ वारंट जारी करते हुए निर्भया के चारों दोषियों विनय सहित मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार को तीन मार्च की सुबह छह बजे फांसी देने का आदेश दिया था।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने विनय शर्मा की याचिका पर जेल अधिकारियों को शनिवार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान इस याचिका का विरोध किया। जेल अधिकारियों के मुताबिक विनय ने रविवार को तिहाड़ जेल नंबर तीन में अपने सेल के अंदर की दीवार पर अपना सिर पीटकर खुद को घायल कर लिया था। इसके बाद जेल परिसर में ही विनय का इलाज किया गया।
अदालत के समक्ष विनय के वकील ने कहा वह अपनी मां या वकील को भी पहचानने से इंकार कर रहा था। वकील ने यह भी कहा कि जेल में विनय से मुलाकात के दौरान देखा उसने देखा कि उसके सिर में गंभीर चोट है और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर है।
वकील ने यह भी कहा कि विनय मानसिक बीमारी से पीड़ित है जो एक तरह का पागलपन है। कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया कि विनय लंबे समय से काफी कम देर के लिए सो रहा है। दवा पर विनय की निर्भरता के कारण उसकी परेशानी को देखते हुए वरिष्ठ मनोचिकित्सक को भेजा गया था।