फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निर्भया दुष्कर्म केस: एक दोषी ने दी दया याचिका, तीनों की फांसी टली

Thu, 14 Nov 2019 11:09 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
nirbhaya case
विज्ञापन
निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में एक दोषी की ओर से दायर दया याचिका के बाद तीन अन्य दोषियों की फांसी टल गई है। इन दोषियों की फांसी तब तक टली रहेगी जब तक राष्ट्रपति की ओर से इस दया याचिका पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता। 
विज्ञापन


जेल प्रशासन का कहना है कि दोषी की ओर से दायर याचिका को सरकार को भेज दिया गया है। वहां से उसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। जेल प्रशासन दो अन्य दोषियों के जवाब पर निचली अदालत में स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी। 

जेल अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अगर विनय की याचिका को राष्ट्रपति खारिज कर देते हैं और उसके बाद भी इस मामले का कोई दूसरा दोषी राष्ट्रपति से दया की गुहार लगाता है तो जेल प्रशासन उसकी याचिका को भी राष्ट्रपति के पास भेजेगी। इस याचिका पर सुनवाई करने का अंतिम निर्णय राष्ट्रपति का है।
विज्ञापन

  
जेल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल दोषी विनय ने राष्ट्रपति को दया याचिका दी है जबकि मुकेश ने दया याचिका देने से मना कर दिया है। वहीं दो अन्य दोषी मुकेश और पवन ने नोटिस के जवाब में कहा है कि दया याचिका से पहले उनके पास अन्य कानूनी विकल्प मौजूद हैं। इन दो कैदियों के जवाब को जेल प्रशासन अदालत में पेश करेगी। 
 
विज्ञापन

जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि नियम के मुताबिक फांसी की सजा होने के बाद एक तय समय अवधि तक दोषियों को राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर करनी होती है। 

उस अवधि तक अगर कोई दोषी याचिका दायर नहीं करता है तो जेल प्रशासन उन्हें एक नोटिस जारी करता है जिसमें उन्हें कहा जाता है कि अगर वह दया याचिका दायर नहीं करते हैं तो जेल प्रशासन अदालत को सूचित कर फांसी की सजा पर कार्रवाई करेगी। 

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में फांसी की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका पिछले साल जुलाई माह में खारिज कर दी थी। ऐसे में कैदियों के पास राष्ट्रपति के पास दया याचिका देने का अंतिम विकल्प मौजूद था। इसलिए जेल प्रशासन ने उन्हें 29 अक्तूबर को एक नोटिस जारी कर पांच नवंबर तक का समय दिया था। 

जेल मैन्यूल के मुताबिक एक मामले में फांसी की सजा पाया कोई भी एक दोषी राष्ट्रपति को दया याचिका देता है तो इस मामले में अन्य दोषियों के खिलाफ तब तक कार्रवाई नहीं होती जब तक राष्ट्रपति दया याचिका पर अंतिम निर्णय न ले लें। 
-तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल 


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें