न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने मंगलवार को निर्भया के माता-पिता की अर्जी पर कहा था कि केंद्र की याचिका पर जल्द फैसला आएगा। इससे पहले दोषियों की फांसी पर 31 जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। इससे 1 फरवरी को दी जाने वाली दोषियों की फांसी टल गई थी।
केंद्र सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पटियाला हाउस कोर्ट ने 17 जनवरी को चारों दोषियों मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31) को 1 फरवरी को सुबह 6 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाने के लिए दूसरी बार ब्लैक वारंट जारी किया था।
इससे पहले, अदालत ने 7 जनवरी को फांसी के लिए 22 जनवरी की तारीख तय की थी। दोषियों के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि फांसी को टाला जाए, क्योंकि अभी उनके कानूनी उपचार के मार्ग बंद नहीं हुए हैं।
दोषी मुकेश और विनय की दया याचिका राष्ट्रपति के पास से खारिज हो चुकी है। दोषी पवन के पास अभी ये दोनों याचिकाएं दायर करने का विकल्प है। अक्षय की दया याचिका 1 फरवरी को दाखिल हुई थी और अभी लंबित है।
चारों दोषियों की अभी यह है स्थिति
- मुकेश सिंह और विनय शर्मा के सभी विकल्प समाप्त।
- अक्षय सिंह की सिर्फ दया याचिका राष्ट्रपति के पास विचाराधीन।
- पवन गुप्ता के पास सुधारात्मक और दया याचिका का विकल्प।