वहीं, वकील एपी सिंह ने कहा कि मैं अन्याय को रोकना चाहता हूं, आधिकारिक फाइल पर गृह मंत्री और एलजी के दस्तखत का नहीं हैं, इसलिए मैं फाइल का निरीक्षण करना चाहता हूं।
मैंने इसके लिए आरटीआई दाखिल की है। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज व्हाट्सऐप से मंगाया गया है। इस पर जस्टिस भानुमति ने कहा कि यह दस्तावेज आपके लाभ के लिए नहीं है, यह अदालत की संतुष्टि के लिए है।
मेहता ने कहा, राष्ट्रपति के समक्ष सभी स्थिति साफ की गई थी
जस्टिस अशोक भूषण ने एपी सिंह ने कहा कि आप ये सब बताने की बजाय सिर्फ अपनी कानूनी दलीलें रखें। विनय शर्मा की ओर से जब एपी सिंह ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे खारिज करते हुए कहा कि अदालत के फैसले, मेडिकल रिपोर्ट, परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को राष्ट्रपति के सामने रखा गया था। उसी के बाद दया याचिका खारिज हुई है। ऐसे में ये दलील नहीं दी जा सकती है।