रणनीति स्तर पर आप व अरविंद केजरीवाल अकेले अपनी लकीर खींचने की कोशिश कर रही है। बावजूद इसके कि भाजपा को करारी शिकस्त देने के बाद तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने पर केजरीवाल को राष्ट्रीय नेता के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन आप के रणनीतिकार अरविंद केजरीवाल को अभी देश की सियासत में भाजपा विरोधी धुरी का हिस्सा नहीं बनना चाहते।
इसी रणनीति के तहत आप ने दिल्लीवालों के बीच शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने का फैसला किया है। हालांकि, इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने खुद दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया है।
दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय का कहना है कि रामलीला मैदान में दिल्ली के लोग ही वीआईपी गेस्ट होंगे। दूसरे दलों के नेताओं व दूसरे प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को न्योता नहीं भेजा जा रहा है। सिर्फ भाजपा के आठ विधायकों को आमंत्रित किया गया है।
पार्टी की तरफ से कार्यकर्ताओं को भेजा जा रहा निमंत्रण पत्र
दिल्ली चुनाव की फतह के रीढ़ रहे कार्यकर्ताओं को आप विशेष तवज्जो दे रही है। पार्टी का कहना है कि चुनाव में बूथ प्रबंधन का काम कर रहे करीब एक लाख कार्यकर्ताओं को, पार्टी की सभी विंग के पदाधिकारियों को चिट्ठी भेजी जा रही है। इसमें सबको जीत का धन्यवाद देते हुए शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया गया है। इसके अलावा इसी तरह की चिट्ठी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी व राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्यों के पास भी भेजी गई है। अरविंद केजरीवाल खुद भी एफएम रेडियो पर दिल्ली की जनता से अपील करेंगे कि वह दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करें।