फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निर्भया केस: तिहाड़ में करवटें बदलते कटी दरिंदों की रात, फांसी के लिए जेल नंबर तीन में होंगे शिफ्ट

Thu, 11 May 2017 02:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
त‌िहाड़ जेल - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा बरकरार रहने के बाद निर्भया कांड के दोषियों की पहली रात करवटें बदलते ही कटी। जेल नंबर सात में बंद विनय रात अपनी बैरक में चहलकदमी करता हुआ दिखा जबकि जेल नंबर दो में बंद तीनों आरोपी एक दूसरे से आंखों ही आंखों में बात करते हुए देखे गए।
विज्ञापन

जल्द ही जेल नंबर तीन में जाएंगे सभी दोषी

2 of 8
nirbhaya - फोटो : pti
जेल सूत्रों का कहना है कि इन आरोपियों को हालांकि फांसी की सजा की ही उम्मीद थी। लेकिन सजा मिलने के बाद उनके व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया है। चारों ने अपने आसपास रहने वाले कैदियों से बातचीत भी करना बंद कर दिया है।
विज्ञापन

3 of 8
न‌िर्भया के दोषी - फोटो : pti
हालांकि जेल अधिकारी इन कैदियों को अकेला नहीं छोडना चाहते हैं। जेल अधिकारियों ने सजा के बाद चारों कैदियों की काउंसिलिंग भी शुरू कर दी।

4 of 8
nirbhaya - फोटो : pti
अधिकारियों ने दोषियों को बताया कि सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा मिलने के बाद भी कई प्रक्रिया होती है जिससे उन्हें राहत मिल सकती है। पुनर्विचार याचिका के अलावा दया याचिका भी दी जा सकती है। अधिकारियों ने दोषियों को बताया कि सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा मिलने के बाद भी कई कैदियों को राहत मिली है।
विज्ञापन

5 of 8
nirbhaya
चारों दोषियों को जल्द ही जेल नंबर तीन में भेजे जाने की खबर है। जेल सूत्रों की माने तो तिहाड़ की जेल नंबर तीन में ही फांसी देने की व्यवस्था है। हालांकि फांसी की सजा देने से पहले वे सभी दो स्तरों पर फैसले को चुनौती दे सकते हैं और फिर राष्ट्रपति से दया याचिका की भी गुहार कर सकते हैं। सभी जगहों से उनकी अपील खारिज हो जाने के बाद दोषियों को जेल नंबर तीन में ही शिफ्ट कर दिया जाता है।
विज्ञापन

6 of 8
nirbhaya
तिहाड़ प्रशासन की ओर से सभी दोषियों को तीन नंबर जेल में भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जेल नंबर दो और जेल नंबर सात के जेल अधीक्षकों ने मुख्यालय को पत्र लिखकर चारों दोषियों को तीन नंबर जेल में शिफ्ट करने की मांग की है। सूत्रों का कहना है कि इन्हें दस से पंद्रह दिन बाद जेल संख्या तीन में भेजा जा सकता है।
विज्ञापन

7 of 8
nirbhaya
फांसी की सजा मुकर्रर होने के बाद चारों दोषियों की सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। जेल अधीक्षकों ने तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के कमांडेंट को पत्र लिखकर कहा है कि एक दोषी पर तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के दो जवानों को तैनात किया जाए।
विज्ञापन

8 of 8
nirbhaya - फोटो : pti
इस पर अमल करते हुए जेल नंबर दो के वार्ड नंबर छह के सेल नंबर 34-35 में बंद मुकेश, पवन और अक्षय के लिए छह जवान तैनात किए गए हैं। वहीं विनय की सुरक्षा में दो वार्डन और एक जवान को तैनात किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें