नोएडा सेक्टर 49 में 15 और 16 मई को दर्जनों बार एक औरत का अपहरण किया गया और हर बार उसे पुलिस ने 15 पंद्रह मिनट में छुड़ा लिया।
आप सोच रहे होंगे कि ये कैसे हो सकता है कि किसी एक महिला को कोई बार-बार किडनैप करे और पुलिस हर बार उसे बचाए। पर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये सब ट्रायल था एक रेस्क्यू एप का।
आने वाले जून से नोएडा की हर स्कूली, कॉलेज वाली छात्रा या कामकाजी महिला की रक्षा करेगा एक सिक्योरिटी एप जो घर से निकलने के बाद हर वक्त उनके साथ रहेगा।
Nirbhaya@Noida: Be fearless! है एप का नाम
इस एप का नाम 16 दिसंबर की गैंगरेप पीड़िता के नाम पर Nirbhaya@Noida: Be fearless! रखा गया है। इस गैंगरेप के बाद ही समाज में चारों से एक बड़े जलसैलाब ने रेप जैसी दरिंदगी के खिलाफ आवाज उठाई थी।
इसी के बाद ऐसे मामलों में सजा और कड़ी कर दी गई। इसे यूपी पुलिस ने तीन महीने पहले ही बना लिया था और इसके पहले चरण में इसे नोएडा में लॉन्च किया जाएगा। फिर धीरे-धीरे इसकी पहुंच यूपी के अन्य शहरों तक बढ़ाई जाएगी।
इस एप को यूपी पुलिस की वेबसाइट से डाउनलोड करने से पहले यूजर को अपने घर का पता और 5 इमरजेंसी में किए जा सकने वाले कांटैक्ट नंबर देने होंगे और अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर कराना होगा।
नोएडा पुलिस की मॉनिटरिंग में रहेंगे एप यूजर
यूजर इस एप के लिए जो भी जानकारी उपलब्ध कराएगा वो सारा डाटाबेस नोएडा पुलिस के कंट्रोल रूम में इकट्ठा किया जाएगा। एसओएस भेजने पर यूजर का लोकेशन जीपीएस लोकेशन डाटा, मोबाइल टावर और एरिया कोड के जरिए ट्रेस कर लिया जाएगा।
इसके बाद एक नोटिफिकेशन नोएडा के एसएसपी और क्षेत्रीय सर्किल के ऑफिसर को मॉनिटरिंग के लिए भेज दिया जाएगा। पुलिस वालों को कुछ-कुछ मिनटों में एलर्ट भेजे जाएंगे या अगर कॉलर की लोकेशन 300 मीटर से अधिक बदल जाती है तो उसका लोकेशन भी भेजी जाएगी।
यूपी पुलिस की टेक्नोलॉजी पार्टनर ब्लूटूथ और उस जैसे अन्य पहने जा सकने वाले डिवाइस तैयार कर रही है ताकि फोन से जोड़कर उनसे भी एसओएस भेजा जा सके।