गाजियाबाद नगर निगम में हज यात्रा के नाम पर करीब 94 लाख रुपये ठिकाने लगाने का मामला पकड़ा गया है। डीएम रितु माहेश्वरी की तरफ से कराई गई जांच में खुलासा हुआ है कि निर्माण से पहले न कोई टेंडर हुआ और न ही किसी तरह की स्वीकृति ली गई।
सीडीओ रमेश रंजन की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय कमेटी ने जांच रिपोर्ट में कई सवाल उठाते हुए कार्रवाई की सिफारिश की है। उधर, जांच रिपोर्ट पर डीएम ने शासन से नगर निगम के तत्कालीन संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
जांच में कहा गया है कि वर्ष 2016 में हज यात्रा का हवाला देकर आपातकालीन स्थिति बताते हुए कराए गए कार्य औचित्यपूर्ण नहीं थे, क्योंकि हज यात्रा की तिथि पहले से निर्धारित होती है और उसे आपातकालीन स्थिति नहीं माना जा सकता।
रजापुर गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा ने मंडलायुक्त शिकायत की थी। मामले में गठित जांच कमेटी ने कई कमियां पकड़ीं। नगर निगम से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के हिसाब से हज व कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने की तिथि 4 अगस्त 2016 (सामान) थी।