हरियाणा में पानीपत के समालखा से रवि कुमार का 9 साल का मासूम बेटा अंश बहादुरगढ़ में रहने वाले अपने दादा से मिलने के लिए घर से अकेला निकल गया। ट्रेन से वह बहादुरगढ़ के लिए रवाना हुआ, लेकिन भटकता हुआ बवाना इलाके में आ गया।
गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने बच्चे को रात में लावारिस घूमते देख पूछताछ की और फिर परिजनों से मिलवा दिया। जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि बवाना थाने में तैनात उपनिरीक्षक विजय पाल 10 नवंबर की रात गश्त पर थे।
लावारिस घूम रहे 9 साल के बच्चे को देखकर उन्होंने रोका और परिवार के बारे में पूछताछ की। बच्चे ने कोई जवाब नहीं दिया। विजय पाल उसे लेकर थाने पहुंचे और खाना खिलाया। इस दौरान पूछताछ में बच्चे ने अपने बारे में जानकारी दी।
उसने बताया कि वह समालखा से ट्रेन पकड़कर बहादुरगढ़ के लिए रवाना हुआ, लेकिन रास्ता भटककर बवाना इलाके में आ गया। पुलिस ने बच्चे का मेडिकल कराकर उसे चाइल्ड केयर होम में भेज दिया। अगले दिन उसके परिजनों से संपर्क किया गया। जानकारी मिलने ही परिजन बवाना थाने पहुंच गए। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को परिजनों के हवाले कर दिया।