सेक्टर-48 के रहने वाले जिज्ञांश को लेकर चाइल्ड पीजीआई की इमरजेंसी में परिजन पहुंचे थे। माता-पिता ने डॉक्टरों को बताया कि खेलते समय बच्चे के हाथ में आलपिन लग गई। इसे उठाकर बच्चे ने मुंह में डाल लिया। मुंह में आलपिन डालते हुए मां ने देख लिया। इसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन बच्चा आलपिन को निगल गया। घबराए परिजनों के बताने पर आनन-फानन में बच्चे का एक्सरे कराया गया।
बच्चे का इजाज कर रहे चाइल्ड पीजीआई के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के डॉ. विकास जैन ने बताया कि एक्सरे में बच्चे के पेट में आलपिन दिखाई दी। देरी होने पर इसके आंतों में पहुंचने के खतरे को देखते हुए एंडोस्कोपी के जरिए आलपिन को निकालने का फैसला लिया गया। आलपिन निगलने के करीब तीन घंटे के अंदर इसे बाहर निकाल लिया गया। बच्चा अब सुरक्षित है। उसे 24 घंटे की निगरानी में रखा गया है।
देरी न करें तुरंत दिखाएं
डॉ. विकास जैन का कहना है कि बच्चे के पास नुकीली व निगल सकने वाली चीजें न रखें। अगर बच्चा खेल-खेल में निगल भी ले। ऐसे में बिना देरी किए उसे अस्पताल लेकर आएं। ऐसे में आंतों में होने वाले संक्रमण या उससे घायल होने से बचा जा सकता है।