बच्चे की मौत के बाद थाने पहुंचे परिजन
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ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कस्बे में नौ माह के मासूम बच्चे की तबियत बिगड़ने पर परिजन दवा लेने मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने खुद को डॉक्टर बताते हुए अपने कर्मचारी से बच्चे को इंजेक्शन लगवा दिया।
जिससे कुछ देर बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई। शुक्रवार रात अस्पताल ले जाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजन ने मामले विजय मेडिकल स्टोर के संचालक प्रमोद व उसके कर्मचारी नीरज पर लापरवाही का आरोप लगाया।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शनिवार सुबह परिजन ने कोतवाली पहुंचकर हंगामा किया और आरोपियों पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया।
बुलंदशहर के डिबाई निवासी कुमर सैन सूरजपुर की सरदार कॉलोनी में किराये के मकान में सपरिवार रहते हैं। कुमर सैन ने बताया कि शुक्रवार को उसके 9 माह के बच्चे पुष्पेंद्र की अचानक तबीयत खराब हो गई थी।
दोपहर बाद करीब 3:30 बजे परिजन बच्चे को लेकर इलाज के लिए सूरजपुर कस्बा स्थित विजय मेडिकल स्टोर पर लेकर पहुंचे। यहां उन्होंने स्टोर संचालक प्रमोद से किसी डॉक्टर के बारे में पूछा।
आरोप है कि स्टोर संचालक ने खुद को डॉक्टर बताते हुए बच्चे का इलाज करने के लिए कहा। इस बीच स्टोर संचालक ने अपने कर्मचारी नीरज से बच्चे को इंजेक्शन लगवा दिया। इसके लिए उसने परिजनों से 250 रुपये लिए।
परिजन का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ देर इंतजार के बाद वह बच्चे को मेडिकल स्टोर पर लेकर पहुंचे तो प्र्रमोद ने कहा कि उसने जो करना था वह कर दिया। वह इसमें अब कुछ नहीं कर सकता।
इसके चलते परिजन बच्चे को शारदा अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान उसने रात लगभग 10 बजे दम तोड़ दिया। परिजन ने मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर हंगामा किया और पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
शनिवार सुबह परिजन ने आरोपियों पर समझौते के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में हंगामा किया। कोतवाली प्रभारी मुनीष चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।