एनआईए घोषित आंतकी तथा प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू और खालिस्तान टाइगर फोर्स के सरगना हरदीप सिंह निज्जर की अचल संपत्तियों को जब्त करेगी।
एनआईए के मुताबिक भारत सरकार ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) (यूएपीए) कानून की धारा 51-ए के तहत पन्नू की अमृतसर और निज्जर की जालंधर स्थित संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है। पन्नू की जमीन अमृतसर के गांव खानकोट और सुल्तानविंड सबअर्बन भाईनिवाल में है। वहीं, निज्जर की जमीन जालंधर जिले के गांव भार सिंहपुरा, फिल्लौर में है।
इस वर्ष जुलाई में पन्नू और निज्जर को सात अन्य लोगों के साथ यूएपीए के तहत आतंकी घोषित किया गया था। एसएफजे और खालिस्तान टाइगर फोर्स, दोनों अलगाववादी खालिस्तानी संगठन हैं। एनआईए एसएफजे द्वारा ‘सिख रेफरेंडम 2020’ के बैनर तले शुरू अभियान से संबंधित मामले की जांच कर रही है।
ठेके पर हैं आतंकी पन्नू की जमीन
आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की गांव खानकोट की 46 कनाल जमीन को ठेके पर लेकर खेती करने वाले बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि वह कभी पन्नू से नहीं मिला है। जमीन के ठेके की राशि पहले पन्नू की मां को देता था। उसकी मौत के बाद उसके भाई मंगवंत सिंह को पैसे जमा करवाता हूं।
ग्रामीणों के अनुसार पन्नू का परिवार कई वर्ष पहले गांव छोड़कर चंडीगढ़ चला गया था। इसलिए न उन्होंने कभी पन्नू देखा, न उससे कभी मिले। सुल्तानविंड गांव में पन्नू की 11 कनाल साढ़े 13 मरले की जमीन भी किसी ठेकेदार के पास बताई जाती है।