इस बारे में मिडिया में आ रही टेरर फंडिंग की बात निराधार है। मस्जिद का निर्माण एक पंचायत के बाद वर्ष 2010 में शुरू हुआ था, जिसका कुछ रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इलाके के लोगों ने मस्जिद निर्माण में श्रमदान के साथ- साथ धन, ईंट, सीमेंट एवं अन्य निर्माण सामग्री का भी सहयोग किया था।
एनआईए स्टाफ के सामने ग्रामीणों ने सलमान को भी निर्दोष बताते हुए कहा उसने बीस कन्याओं के सामूहिक विवाह करवाए हैं, उनमें भी विदेश से कोई मदद नहीं ली है। ग्रामीणों ने बताया कि सलमान तो दिल्ली में किराये पर रहता है। एनआईए के स्टाफ ने यहां की गई जांच और दस्तावेजों में क्या मिला, इसके बारे में किसी को कुछ नहीं बताया।
स्टाफ के लोगों का कहना था इस बारे में अधिकृत रूप से दिल्ली ऑफिस के अधिकारी ही बता सकते हैं। सलमान की गिरफ्तारी किन कारणों से हुई यह भी ग्रामीणों ने पूछने का प्रयास किया, परन्तु एनआई ने कुछ नहीं बताया।
इससे पहले एनआईए स्टाफ के गांव में आने की भनक लगते ही उटावड़ सहित आस-पास के गांवों के धर्म विशेष से संबंध रखने वाले ग्रामीण मस्जिद के पास और चौक पर एकत्रित हो गए। मौके पर बहीन थाना प्रभारी रामदयाल के पुलिस के जवान मौजूद रहे।