राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैनात अस्थायी कर्मचारी मांगे पूरी नहीं होने पर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। एनएचएम इंप्लॉइज एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर हड़ताल कर रहे कर्मचारी बीके सिविल अस्पताल में इकट्ठा हुए और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
हालांकि बीके सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ववत जारी रहीं। एनएचएम इंप्लाइज एसोसिएशन फरीदाबाद के प्रधान धर्वेंदर सिंह ने बताया कि कर्मचारी काफी समय से वेतन विसंगतियां दूर करने और पदों को स्थायी करने की मांग सरकार से कर रहे हैं।
इन मांगों से संबंधित ज्ञापन भी मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री सहित एनएचएम के आला अधिकारियों को सौंपा जा चुका है, बावजूद इसके कर्मचारियों को कोई आश्वासन नहीं मिला। धर्वेेंदर के मुताबिक प्रदेश में एनएचएम के तहत करीब 12 हजार और फरीदाबाद में लगभग छह सौ कर्मचारी कार्यरत हैं।
इनमें एलटी, फार्मासिस्ट, एएनएम, मेडिकल ऑफिसर, एसएमओ और एंबुलेंस चालक शामिल हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से मंगलवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में करीब छह सौ कर्मचारी पिछले 17-18 साल से काम कर रहे हैं लेकिन सरकार ने अभी तक उन्हें स्थायी नहीं किया है, जबकि हिमाचल, यूपी, पंजाब, दिल्ली जैसे दूसरे प्रदेशों में उन्हें स्थायी कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के वेतनमान में भी बहुत फर्क है। अस्थायी कर्मचारियों को बहुत कम वेतन मिल रहा है, जबकि दोनों से बराबर काम लिया जाता है। एसोसिएशन के मीडिया सलाहकार डॉ. गजेंद्र अधाना ने कहा कि अगर कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गईं तो भूख हड़ताल की जाएगी।
हरियाणा दिवस मनाने गुड़गांव आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में प्रदर्शन किया जाएगा। हड़ताल में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा भी पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों को समर्थन देने का ऐलान किया।