दिल्ली हाई कोर्ट के कोर्ट कमिश्नरों ने दिए निर्देश
तालाब पुनर्निर्माण के लिए जिला प्रशासन, ग्राम सभा व डीडीए को कार्रवाई के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में गोयला खुर्द गांव स्थित संरक्षित तालाब को बचाने के लिए कोर्ट कमिश्नरों ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। कमिश्नरों ने कहा है कि जिलाधिकारी, ग्राम सभा और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) मिलकर तालाब की जमीन एनएचएआई से वापस लें और इसके विकास की ठोस योजना तैयार करें।
दिल्ली नमभूमि प्राधिकरण ने इस मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि 26 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट के कोर्ट कमिश्नरों ने तालाब का निरीक्षण किया था। जांच में सामने आया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फ्लाईओवर निर्माण के लिए तालाब की जमीन लेकर काम शुरू कर दिया। हालांकि एनएचएआई ने जमीन जिलाधिकारी को वापस करने की सूचना दी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तालाब में बहता सीवेज तुरंत रोकें
कोर्ट कमिश्नरों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तालाब की जमीन को तुरंत अपने नियंत्रण में लेकर उसे संरक्षित किया जाए और जल निकाय को विकसित करने की योजना बनाई जाए। इसके साथ ही पड़ोसी गांव से तालाब में बह रहे सीवेज को तुरंत रोकने के आदेश दिए गए हैं, ताकि तालाब प्रदूषण से बच सके। रिपोर्ट में कहा गया कि तालाब भूजल रिचार्ज, मिट्टी कटाव रोकने और वर्षा जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नमभूमि प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्याम सुंदर कंडपाल ने कहा कि ऐसे जल निकायों को अतिक्रमण और प्रदूषण से बचाना पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है।