नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली के गोयला खुर्द गांव में एक संरक्षित तालाब पर फ्लाईओवर निर्माण के मामले में सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में जांच, कार्रवाई और तालाब के पुनर्स्थापन (बहाली) के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (यूईआर-II) परियोजना के तहत एक संरक्षित जलाशय (तालाब) के अंदर फ्लाईओवर का निर्माण किया।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह छह महीने के भीतर इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करे। साथ ही, एनएचएआई को भविष्य में पूरी पर्यावरणीय जानकारी देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और एनएचएआई की संयुक्त टीम को तालाब को हुए नुकसान का आकलन करने और सुधार के उपाय तय करने का निर्देश दिया गया है। डीपीसीसी को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तय कर वसूली का भी आदेश दिया गया है। संवाद