अन्नकूट पूजा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को न सिर्फ ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ा बल्कि वाहनों के चलते वायु प्रदूषण का भी शिकार होना पड़ा। इसे देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मथुरा जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को तलब किया है।
पीठ ने अधिकारियों से पूछा है कि आखिर अन्नकूट पूजा के दौरान गिरिराज परिक्रमा मार्ग और गोवर्धन कस्बे में वाहनों की पार्किंग और और प्रदूषण को रोकने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे। मामले पर अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
जस्टिस आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली पीठ ने गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान व अन्य के मामले की सुनवाई के दौरान आदेश दिया है कि मथुरा के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक, मथुरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता 19 नवंबर को पेश हों।
गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर चल रहे थे भारी वाहन
पीठ ने गौर किया है कि प्रशासन के दावे के उलट पूजा वाले दिन न सिर्फ गोवर्धन कस्बे में बल्कि गिरिराज परिक्रमा मार्ग में भारी वाहन चल रहे थे। साथ ही शहर में पार्किंग का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया था और न ही नियम-कानून का सख्ती से पालन करवाने के लिए कोई प्रशासनिक इंतजाम था।
पीठ ने कहा कि अन्नकूट पूजा के दौरान सभी मुख्य सड़कों पर वाहनों का जाम लगा था। अनियंत्रित कानून की तरह ट्रैफिक भी अनियंत्रित था। नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस कर्मी भी नहीं थे।