नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने पाबंदी के बावजूद उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार को अवैध तरीके से यमुना में किए जा रहे बालू खनन को लेकर कड़ी फटकार लगाई है।
ग्रीन बेंच ने गौतमबुद्ध नगर से फरीदाबाद के बीच अवैध ब्रिज बनाकर किए जा रहे बालू खनन के मामले में दोनों ही राज्यों के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया है।
ग्रीन बेंच ने कहा कि दोनों ही राज्यों के सिंचाई विभाग के प्रमुख और भू-सर्वेक्षण व खनन विभाग के सदस्य, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव सदस्य अगली सुनवाई 5 फरवरी को ट्रिब्युनल के समक्ष पेश होकर खनन की वास्तविक स्थिति बताएंगे।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल बार एसोसिएशन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।