फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली-एनसीआर में चल रही 5000 अवैध ई-वेस्ट प्रोसेसिंग पर एनजीटी सख्त

Wed, 23 Oct 2019 06:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
NGT - फोटो : PTI
विज्ञापन

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चल रही 5000 अवैध ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) प्रोसेसिंग इकाई के खिलाफ एक याचिका पर रिपोर्ट मांगी है।

विज्ञापन


एनजीटी अध्यक्ष  जस्टिस आदर्श कुमार गोयल वाली की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने ईमेल के जरिए एक महीने के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।

पीठ ने कहा कि इसके लिए डीपीसीसी को पूर्वी दिल्ली, उत्तर पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारियों, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से और गाजियाबाद के जिलाधिकारी के साथ मिलकर तथ्यात्मक एवं कार्रवाई रिपोर्ट एक महीने के भीतर judicial-ngt@gov.in ईमेल के जरिए दे।
विज्ञापन


एनजीटी ने कहा कि इस आदेश की एक कॉपी डीपीसीसी, पूर्वी दिल्ली, उत्तर पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारियों, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से और गाजियाबाद के जिलाधिकारी को ईमेल के जरिए भेजने के निर्देश दिए हैं।

एनजीटी का यह आदेश उस खबर के बाद जिसमें कहा गया था कि दिल्ली एवं एनसीआर में 5,000 अवैध ई-वेस्ट प्रोसेसिंग इकाई काम कर रही हैं। एनजीओ के अध्ययन में पाया गया कि दिल्ली के 15 अनौपचारिक इलाकों में चल रही इन अवैध ई-वेस्ट प्रोसेसिंग इकाईयों में 50,000 से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं। 

इनमें से अधिकतर इकाई दिल्ली के सीलमपुर, मुस्तफाबाद के साथ ही गाजयिाबाद के बेहटा हाजीपुर और लोनी में स्थित हैं। इनमें से कुछ इकाइयां तीन दशकों से यहां स्थित हैं। सीलमपुर में 57 फीसदी, मुस्तफाबाद में 15 फीसदी, बेहटा हाजीपुर में 9 और लोनी में 10 फीसदी ई-वेस्ट प्रोसेसिंग इकाइयां चल रही हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें