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डीयू के समीप आवासीय परियोजना निर्माण पर एनजीटी की रोक, यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

Tue, 14 Jan 2020 09:23 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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NGT - फोटो : PTI
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर के समीप आवासीय परिसर के निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।

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एनजीटी अध्यक्ष न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने पर्यावरण कानून के ‘बचाव सिद्धांत’ को लागू करते हुए कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और आईआईटी दिल्ली की एक संयुक्त समिति द्वारा संबद्ध डाटा का मूल्यांकन किया जाना जरूरी है।

ट्रिब्यूनल ने यह आदेश दिल्ली विश्वविद्यालय की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।  याचिका में उत्तरी दिल्ली में यंग बिल्डर्स (प्रा) लिमिटेड की एक आवासीय परियोजना को पर्यावरण मंजूरी दिए जाने को चुनौती दी गई है।

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पीठ ने अपने आदेश में कहा कि  इस बीच, निर्माण की कोई गतिविधि नहीं की जा सकती और आज की यथास्थिति कायम रखी जा सकती है। वादी को और परियोजना के निर्माणकर्ता को अपने-अपने मत सीपीसीबी के सदस्य सचिव के समक्ष रखने की इजाजत होगी ताकि समिति दो हफ्तों के अंदर विचार कर सके। एनजीटी ने कहा कि सीपीसीबी समन्वय एवं अनुपालन के लिए नोडल एजेंसी होगी।

 अधिवक्ता संजय उपाध्याय और सलिक सफीक ने सिविल लाइन क्षेत्र में एक एवं तीन कैवलरी लेन और 4 छात्रा मार्ग पर आवासीय परिसर को राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) द्वारा पर्यावरण मंजूरी दिए जाने को चुनौती दी थी।

इसमें कहा गया है कि चूूंकि यह परियोजना सीपीसीबी द्वारा अधिसूचित गंभीर रूप से प्रदूषित 10 किमी क्षेत्र के दायरे में है ऐसे में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा पर्यावरण मंजूरी दी जा सकती है न कि एसईआईएए द्वारा।

याचिका में कहा गया हे कि परियोजना साइलेंस जोन में है जो दिल्ली विश्वविद्यालय और पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट के 100 मी दायरे में है। यह क्षेत्र पानी की किल्लत वाला है। भूजल में सल्फेट की मात्रा तय सीमा से अधिक है।
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