नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने सोमवार को दिल्ली सरकार और अन्य नागरिक निकायों को कहा है कि वह ट्रिब्युनल के दिए गए आदेश का पालन करते हुए यह सुनिश्चित करें कि बूचड़खानों से निकलने वाला रक्त सीधे यमुना में न जाए।
एनजीटी ने इस मामले पर सितंबर, 2015 में आदेश दिया था। जब एक धार्मिक समूह की तरफ से यह कहा गया था कि बूचड़खानों से निकलने वाला रक्त सीधा यमुना में प्रवेश करता है और उससे हमारी आस्था को चोट पहुंचती है।
जस्टिस जावद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची मुकेश जैन व स्वामी ओम के मामले में प्राधिकरणों को यह आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान स्वामी ओम को भी प्रधान पीठ ने कहा कि आपके जरिये लगातार शोर किए जाने की वजह से हम इस मामले में किसी नतीजे पर नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में आप शांत रहें।