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पुराने वाहनों के लिए स्क्रैप नीति न तैयार होने पर एनजीटी ने केंद्र को लगाई फटकार 

Tue, 29 Nov 2016 10:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : amarujala
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पुराने डीजल वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की फटकार बदस्तूर जारी है जबकि केंद्र और राज्य प्राधिकरणों की ओर से हर सुनवाई में सिर्फ आश्वासन और शपथ-पत्र ही दाखिल हो रहे हैं। एनजीटी ने इस हीलाहवाली को देखते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
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प्रधान पीठ ने भारी उद्योग मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे वाहनों के स्क्रैपिंग और पुराना वाहन स्क्रैप के बदले फायदा देने संबंधी नीति पर तेजी से काम करने को कहा है। वहीं जब्त किए गए वाहनों के लिए जमीन की आपूर्ति के लिए पीठ ने दिल्ली सरकार को पड़ोसी राज्यों के साथ बैठक करने का भी निर्देश दिया है।

इस मामले पर सुनवाई कर रही जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को कहा कि इस संबंध में निर्देश दिए एक वर्ष से ज्यादा बीत चुके हैं इसके बावजूद अभी तक कुछ काम नहीं हुआ है।
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पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा कि आपने स्क्रैपिंग नीति को लेकर हमारे समक्ष बड़े-बड़े वादे किए लेकिन अभी तक धरातल पर कुछ नहीं उतरा। पीठ ने भारी उद्योग मंत्रालय को कहा कि आप ट्रिब्यूनल में कुछ भी कहते हैं जबकि बाहर जाकर सबकुछ भूल जाते हैं।

आप लोगों की ओर से कहा गया था कि पुराने वाहनों को स्क्रैप करने संबंधी नीति तैयार की जा रही है। आपने कहा था कि पुराना वाहन स्क्रैप करने पर सरकार की ओर से फायदा भी दिया जाएगा। इस संबंध में क्या हुआ? अगली सुनवाई में मंत्रालय इस मुद्दे पर स्पष्ट पक्ष पेश करे।

वहीं मंत्रालय की ओर से पेश एडवोकेट ने कहा कि स्क्रैप संबंधी नीति के लिए वित्त मंत्रालय से बात की जा रही है। इसके अलावा राज्यों से भी इस संबंध में लिखित पूछा गया था, जबकि अभी तक राज्यों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।

वहीं सुनवाई के दौरान पीठ ने राष्ट्रीय राजधानी में सड़कों पर जहां-तहां खड़े बेकार वाहनों को न हटाए जाने के लिए नगर निगमों और दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाया है। पीठ ने कहा कि निगम इस संबंध में संयुक्त अभियान चलाए और सुनिश्चित करें कि सड़कों पर खड़े बेकार वाहनों के जरिए जाम की समस्या नहीं उत्पन्न होनी चाहिए।

इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी समेत पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में ऐसी बेकार गाडिय़ों की पार्किंग के लिए जगह तलाशने और तय करने का भी पीठ ने निर्देश दिया है। पीठ ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब को दिल्ली सरकार के  मुख्य सचिव के साथ बैठक करने का निर्देश दिया है।

मालूम हो कि इस वर्ष 20 जुलाई को एनजीटी ने भारी उद्योग मंत्रालय को पुराने वाहनों से संबंधित स्क्रैप नीति पर स्पष्ट पक्ष रखने के लिए कहा था। साथ ही 15 वर्ष से 10 वर्ष तक पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से दिल्ली-एनसीआर के बाहर अन्य राज्यों में हटाने का निर्देश दिया था।
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