अधिकरण ने ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर डीसीपी (पूर्वी) की ओर से जारी हलफनामे पर भी असंतोष जताया।
एनजीटी की पीठ एनजीओ ‘अखंड भारत’ की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ऐसे स्थानों पर लाउडस्पीकर के अवैध इस्तेमाल से आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
याचिका में कहा गया कि कुछ मस्जिदों की गतिविधियां पर्यावरण (संरक्षण) कानून, 1986 और ध्वनि प्रदूषण (नियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 का उल्लंघन है।
याचिका के मुताबिक, ये सभी धार्मिक स्थान आवासीय स्कूल और अस्पताल जैसे साइलेंट जोन में हैं और लाउडस्पीकर की ध्वनि तय सीमा को पार कर जाती है।