नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने आगरा में पानी आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था, ठोस कूड़े-कचरे के निस्तारण और सीवेज प्रणाली विकसित नहीं करने के खिलाफ यूपी सरकार और स्थानीय प्राधिकरणों को कड़ी फटकार लगाई है।
ट्रिब्यूनल ने यूपी सरकार से इन कमियों को दूर करने संबंधी काम को पूरा करने की गारंटी (परफॉरमेंस गारंटी) के रूप में 25 करोड़ रुपये जमा कराने को कहा है। काम पूरा नहीं करने की एवज में इस राशि को जब्त किया जा सकता है।
प्रधान पीठ ने कहा कि सरकार इसके लिए विभिन्न फंड और मंजूर परियोजनाओं की मदद ले। पीठ ने कहा कि यूपी के मुख्य सचिव 1 फरवरी को ट्रिब्यूनल में पेश होकर कार्ययोजना के साथ यह बताएं कि इन कमियों को कैसे और कब तक पूरा किया जाएगा।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोशल एक्शन फॉर फॉरेस्ट एंड एनवॉयरमेंट (सेफ) के मामले में यह आदेश दिया है। पूर्व याची डीके जोशी के निधन बाद सेफ इस मामले को आगे बढ़ा रही है।