-एनजीटी ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण को बेसलाइन जल गुणवत्ता आकलन रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करने का निर्देश दिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में भूजल में बढ़ते नाइट्रेट प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) को बेसलाइन जल गुणवत्ता आकलन रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करने का निर्देश दिया है।
एनजीटी की प्रधान पीठ ने कहा कि पहले भी कई बार रिपोर्ट जमा करने के आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक इसे दाखिल नहीं किया गया है। इसलिए अगली सुनवाई से पहले हर हाल में रिपोर्ट जमा की जाए। यह मामला देश के कई जिलों में भूजल में नाइट्रेट की बढ़ती मात्रा से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर शुरू किया गया था।
नाइट्रेट की अधिक मात्रा लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक मानी जाती है। सुनवाई के दौरान केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने बताया कि जून में जो ग्राउंड वाटर क्वालिटी रिपोर्ट जमा की गई थी, वह बेसलाइन जल गुणवत्ता आकलन रिपोर्ट नहीं है। प्राधिकरण के अनुसार, यह रिपोर्ट सितंबर तक तैयार होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए एनजीटी ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई से पहले यह रिपोर्ट दाखिल की जाए। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्तूबर को होगी।