नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन में ध्वनि प्रदूषण रोकने में विफल रही दिल्ली सरकार पर पांच लाख का जुर्माना लगाया है। पीठ ने कहा कि एक हफ्ते के भीतर जुर्माने की राशि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पास जमा कराई जाए। पीठ ने इस मामले में पुलिस उपायुक्त और उप जिलाधिकारी को अगली सुनवाई में तलब किया है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची हरदीप सिंह पुरी के मामले में यह आदेश दिया है। पीठ ने कहा कि दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को 27 सितंबर को आदेश दिया गया था कि राजौरी गार्डन इलाके में शादी-पार्टी आयोजन के दौरान लाउडस्पीकर के शोर, वाहनों के जरिये होने वाले ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन कोई काम इस दिशा में नहीं किया गया।
राजौरी गार्डन की तिमाही रिपोर्ट पर गौर करने के बाद पीठ ने कहा कि प्राधिकरण ट्रिब्युनल के आदेश का पालन करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। ध्वनि प्रदूषण के लिए न ही 24 घंटे की हेल्पलाइन बनाई गई और न ही आसपास के लोगों की शिकायतों का निवारण करने के लिए किसी तरह की कोई सुविधा शुरू की गई।