23 सिंतबर को दिल्ली के चिड़ियाघर में मकसूद नामक युवक के साथ हुई दर्दनाक घटना में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
इस बात पर शुरू से ही चिड़ियाघर प्रशासन की आलोचना होती रही है कि बाघ ने तुरंत ही मकसूद पर हमला नहीं किया था। ऐसे में चिड़ियाघर प्रशासन ने वक्त रहते बाघ को बेहोश करने वाली गोली क्यों नहीं मारी।
घटना के बाद से ही दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। बेहोशी की गोली न चलाए जाने के पहलू की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा चिड़ियाघर के एक कर्मचारी ने किया है। उस दिन ड्यूटी पर गार्ड प्रवीन तैनात था। पुलिस पूछताछ में उसके खुलासे ने एक नए सच से परदा उठा दिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गार्ड ने बताया कि जिस वक्त हमला हुआ उसके पास वॉकी-टॉकी और सीटी थी। शोर मचते ही उसने तुरंत इस बारे में चिड़ियाघर प्रशासन को बताया।
साभार: mailtoday.in