गाजियाबाद में पति-पत्नी ने परिवार के मानसिक उत्पीड़न और झूठी अपहरण शिकायत से तंग आकर थाने में सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि विवाह के बाद उनके परिवार वालों ने शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
मसूरी थाना क्षेत्र के ताज कॉलोनी निवासी नईम पुत्र मौज खान और उनकी पत्नी मंतशा पुत्री शमशाद अली ने अपने वैवाहिक जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर थाने में शिकायत देकर सुरक्षा की मांग की है।
विज्ञापन
नईम अहमद मूल निवासी भमरा बुलंदशहर हाल निवासी ताज कॉलोनी मसूरी ने पुलिस को दिए एक शिकायती पत्र में बताया कि तीन साल पहले मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार उसका विवाह मंतशा निवासी ताज कॉलोनी से हुआ था। विवाह के बाद उनके परिवार वालों ने मंतशा को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे विवश होकर उसे अपने मायके लौटना पड़ा।
विज्ञापन
नईम ने जब अपनी पत्नी से संपर्क साधने की कोशिश की तो उसे भी परिजनों द्वारा मारपीट का शिकार बनना पड़ा और उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। इन हालातों से परेशान होकर नईम ने परिवार छोड़कर अपनी पत्नी के साथ स्वतंत्र रूप से रहने का निर्णय लिया। नईम का आरोप है कि उसके परिजनों ने उसके सुसरालीजनों के खिलाफ थाना गुलावठी बुलंदशहर में उसके अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज कराई है, जिससे उसकी और उसकी पत्नी की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। नईम ने इस बाबत एक वीडियो जारी कर स्पष्ट किया है कि वह अपनी मर्जी से अपनी पत्नी के साथ रह रहा है।
पीड़ित दंपती ने थाना मसूरी से मांग की है कि उन्हें उनके वैवाहिक जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप करने वालों से सुरक्षा दी जाए। झूठी शिकायतों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें शांतिपूर्ण जीवन जीने की आजादी सुनिश्चित की जाए। एसीपी मसूरी लिपी नागायच ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। थाना गुलावठी में इस मामले में एफआईआर दर्ज है।