आरोपी ने बुजुर्ग के सिर पर बिहारी कहे जाने से नाराज होकर स्टील के पाइप से किया था वार
हमले से पहले सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया था वारदात को अंजाम : वकील
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट ने महज बिहारी कहने पर बुजुर्ग मालकिन पर जानलेवा हमला करने के आरोपी घरेलू सहायक की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार बंसल ने कहा कि आरोपी ने लगभग 62 वर्ष की एक असहाय महिला पर हमला किया था। इस हमले से बुजुर्ग महिला के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आईं। ऐसे में उसे जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के वकील ने आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने हमले से पहले सीसीटीवी कैमरा बंद किया। उसके बाद वारदात को अंजाम दिया, जिससे साफ है कि उसने पूरी प्लानिंग के साथ घटना को अंजाम दिया। पीड़िता अभी भी डर में है और ऐसे में आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे में आरोपी ने अपनी जमानत याचिका में दलील दी थी कि वह पिछले साल दिसंबर से हिरासत में है और उसकी उम्र महज साढ़े 18 वर्ष है। साथ ही, आरोपी ने कहा कि उसके खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। आरोपी ने अपनी याचिका में यह भी दलील दी कि वह निर्दोष है और उसे इस मामले में फंसाया गया है। आरोपी ने अपनी दलील में आरोप लगाते हुए कहा कि वह शिकायतकर्ता के यहां घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था, लेकिन उसके मालिक के परिवार का उसके प्रति व्यवहार अभद्र था। साथ ही, उसे पैसे भी नहीं दिए जाते थे।