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फ्लैट से जब नहीं मिला कोई पेन तो पूजा ने कब और कैसे लिखा सुइसाइड नोट

Wed, 08 Jun 2016 02:11 AM IST
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद/अमर उजाला, फरीदाबाद
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पूजा तिवारी - फोटो : सोशल मीडिया
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सुइसाइड नोट में भले ही लिखावट पूजा की हो, पुलिस को मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए कई जवाब ढूंढने होंगे। अमरीन और अमित के मुताबिक घटना वाली रात में पूजा और इंस्पेक्टर अमित के बीच लड़ाई हुई थी।
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रात करीब एक बजे जब अमरीन अपने कमरे में सोने के लिए जा रही थी उस समय पूजा और अमित कुर्सी पर बैठे शराब पीते हुए झगड़ा कर रहे थे। अमरीन अपने कमरे की कुंडी भी नहीं लगा पाई थी कि अमित ने उसे खबर दी कि पूजा ने छलांग लगा कर जान दे दी है।

इसका अर्थ यह हुआ कि कथित आत्महत्या करने से ठीक पहले पूजा ने सुइसाइड नोट नहीं लिखा था। पूजा का सुइसाइड नोट नीले और काले रंग के पेन से लिखा गया है।

सुइसाइड नोट लिखने के कई दिन बाद पूजा ने आत्महत्या क्यों की

महिला पत्रकार पूजा और इंस्पेक्टर अमित - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
जांच के दौरान उस फ्लैट से एक भी पेन नहीं बरामद हुआ। इसका अर्थ यह हुआ कि वह सुइसाइड नोट पूजा ने उस फ्लैट में नहीं लिखा था। अहम बात कि यह सुइसाइड नोट अमित ने पुलिस को तीन दिन बाद यह कहते हुए उपलब्ध कराया था कि पूजा ने उसके जूते के बैग में डाल दिया था।

पिता रवि तिवारी का आरोप है कि पूजा का सुइसाइड नोट पुलिस को देने के लिए अमित उन पर दबाव डाल रहा था यहां तक कि मीडिया से करोड़ों रुपये दिलाने का लालच भी दे रहा था।

फॉरेंसिक रिपोर्ट से भले ही यह साफ हो गया हो कि नोट पूजा ने ही लिखा था लेकिन पुलिस को यह पता लगाना होगा कि उसने यह नोट कब लिखा। सुइसाइड नोट लिखने के कई दिन बाद पूजा ने आत्महत्या का कदम क्यों उठाया। 
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अमित की रिमांड दस दिन बढ़ी

- फोटो : अमर उजाला
कहीं ऐसा तो नहीं सुइसाइड नोट लिखवा कर उसकी हत्या को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया हो। पिता रवि, अमित पर आरोप लगा चुके हैं कि हत्या की साजिश के तहत ही अमित पूजा को पांच मंजिल ऊंचे फ्लैट में ले गया था, और अपने मकसद में कामयाब भी हुआ।

पूजा की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस को सुइसाइड नोट का सच भी खोजना होगा। वहीं दूसरी ओर चार सप्ताह से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद इंस्पेक्टर अमित की रिमांड समाप्त होने पर मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई।

पुलिस ने जांच के लिए दस दिन का और समय मांगा। सीजेएम तरुण सिंघल ने दस दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने की मंजूरी दे दी। एडवोकेट रविंद्र गुप्ता ने बताया कि अमित को 18 मई को अदालत में पेश किया जाएगा।
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