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'स्टैगर्ड पैटर्न’ पर बनेगा नया टोल प्लाजा

Thu, 24 Aug 2017 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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demo pic - फोटो : bureau
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गुरुग्राम के खेड़कीदौला टोल प्लाजा अब आठ किलोमीटर की जगह 10 किलोमीटर आगे शिफ्ट होगा। वहां पर जगह की कमी को देखते हुए इसे दो किलोमीटर आगे शिफ्ट किया जाएगा। नया टोल प्लाजा 'स्टैगर्ड पैटर्न’ पर तैयार होगा। जिससे यहां पर जगह की किल्लत को मात दिया जाए। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तैयारी शुरू कर दी है। नए पैटर्न को लेकर एनएचएआई अध्ययन कर रहा है। जल्द ही इसके लिए सर्वे का काम शुरू होगा।
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'स्टैगर्ड पैटर्न’ पर टोल बनाने से पहले एनएचएआई दो कंपनियों के बीच अब नया मसौदा तैयार कराने जा रही है। सहरावण में प्रस्तावित टोल के लिए करीब 1200 मीटर चौड़ी सड़क है। योजना के मुताबिक नया टोल प्लाजा 32 लेन का होगा। दोनों तरफ 16-16 लेन होंगे। एक साथ यह टोल वसूली के लिए व्यवस्था करने के लिए इतनी जगह नहीं है। इसे देखते हुए अब स्टैगर्ड पैटर्न पर टोल बनाने का निर्णय लिया गया है। 

आईएमटी मानेसर से लेकर बावल और राजस्थान तक हर दिन हजारों गाडिय़ां गुजरती है। यहां पर ट्रैफिक का अधिक दबाव होता है। जिसके कारण अधिक से अधिक टोल लेन बनाना चाहता है, लेकिन जगह की किल्लत को देखते हुए अब नए तरीके से इस पर काम किया जा रहा है। 
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एनएचएआई के मुताबिक एक टोल लेन के लिए कम से कम 5 मीटर की जगह चाहिए। इसमें 3.5 मीटर वाहनों को पार करने के लिए और 1.5 मीटर टोल वसूली के लि केबिन बनाने के लिए। वहां पर केवल 1200 चौड़ी सड़क है। इसके मुताबिक 32 लेन बनाने के लिए कम से कम 1600 मीटर चौड़ी सड़क चाहिए, जो वहां पर संभव नहीं है। इसे देखते हुए पहली बार यह पैटर्न लागू किया गया है।

इस पैर्टन में मौजूदा लेन को एक तरफ से संकड़ी करते हुए दूसरे तरफ अधिक चौड़ा कर दिया जाएगा। एक तरफ 800 मीटर में 16 लेन बना दिया जाएगा। तो दूसरी तरफ 04 लेन बना दिया जाएगा। जिस तरफ चार लेन होगा, उसके डेढ़ से दो किलोमीटर आगे 08 लेन को समायोजित किया जाएगा। इसी तरह दूसरी तरफ व्यवस्था होगी। बता दें कि खेड़कीदौला टोल प्लाजा अभी मिलेनियम सिटी एक्सप्रेस-वे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास है, जबकि आगे का हिस्सा पिंक सिटी कंपनी के पास है। इसे लेकर भी तकनीकी अड़चन है। इसे दूर करने में एनएचएआई जुटा हुआ है। 

अशोक शर्मा, प्रोजेक्ट निदेशक, एनएचएआई: टोल शिफ्ट करने के लिए काम चल रहा है। इस पर जगह कम है। इसे देखते हुए टोल का नया पैटर्न अपनाया जाएगा। जिससे ट्रैफिक स्मूद चलते रहे और टोल वसूली भी होते रहे। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। 
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