आदेश में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन अधिनियम 1991 की धारा 6 के तहत दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए पहले चौथे सत्र का सत्रावसान किया गया और फिर पांचवें सत्र को आहूत किया गया। विधानसभा सचिवालय ने इसकी जानकारी सभी विधायकों, सांसदों और संबंधित विभागों को भेज दी गई है। इस बार का सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संशोधन) को लेकर निंदा प्रस्ताव लाया जा सकता है। ये वही मुद्दा है, जिसे संसद में विपक्षी दलों कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने पारित नहीं होने दिया था। ऐसे में दिल्ली विधानसभा में इस पर चर्चा और टकराव की पूरी संभावना जताई जा रही है।
सोमवार को साफ होगा एजेंडा
हालांकि, सत्र में किन-किन विषयों पर चर्चा होगी, इसका अंतिम एजेंडा सोमवार शाम तक स्पष्ट होने की उम्मीद है। लेकिन राजनीतिक माहौल को देखते हुए ये तय माना जा रहा है कि सदन में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी आम आदमी पार्टी के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
पिछले सत्र में विपक्ष सदन से रहा गायब
पिछले बजट सत्र का अनुभव भी इस बार के माहौल को प्रभावित कर सकता है। उस दौरान विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया था, जिससे कार्यवाही पर असर पड़ा था। ऐसे में इस बार भी दोनों पक्षों के बीच टकराव के संकेत पहले से ही दिख रहे हैं। सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, महिला अधिकार और अन्य समसामयिक मुद्दों पर चर्चा होने की भी संभावना है। इसके अलावा सरकार अपनी नीतियों और फैसलों को सदन में रखने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष इन पर सवाल उठाने के मूड में नजर आ रहा है।