फरीदाबाद में यमुना नदी की बाढ़ से आसपास के गांवों में हर साल लोगों का काफी नुकसान होता है।
इससे होने वाली तबाही को रोकने की कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत छह गांवों की सुरक्षा और कृषि योग्य भूमि बचाने का खाका सिंचाई विभाग ने तैयार किया है।
इस पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है। बाढ़ से ग्रामीणों की फसल व सब्जियों का भारी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में इस बार सिंचाई विभाग की ओर से यमुना में आने वाली बाढ़ से पहले ही गांवों को सुरक्षित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जिसके तहत गांवों व नदी के बीच पत्थर के ठोकर बनाकर बाढ़ के पानी से कृषि योग्य भूमि को कटने से रोका जाएगा। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप तनेजा ने बताया कि योजना के तहत तीन माह में काम को पूरा होगा। बड़े-बड़े पत्थरों से नदी के किनारों को सुरक्षित किया जाएगा।
किस गांव में कितना होगा खर्च
गांव------------------------------खर्च
अवाड़ी-किदावली---------------54.57 लाख
अलिपुर-तिलोरी---------------65.88 लाख
अवाड़ी-घुड़ासन---------------147.79 लाख
साहुपुरा-दुलेहपुर---------------109.13 लाख