गंभीर बीमारियों के सस्ते इलाज के लिए दिल्ली की दौड़ जल्द खत्म होने जा रही है। बल्लभगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) शाखा के विस्तार का काम पूरा हो चुका है।
नया ओपीडी ब्लॉक बनकर तैयार हो गया है। अब इसे एम्स प्रशासन को हैंडओवर करने की तैयारी की जा रही है। वहीं, एम्स प्रशासन ने एम्स के नए ओपीडी ब्लॉक के उद्घाटन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल को पत्र लिख समय मांगा है।
उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो महीने में फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पलवल, हथीन, मेवात के मरीजों को इसकी सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे होडल से लेकर दिल्ली तक सरकारी अस्पताल बल्लभगढ़ का ही पड़ता है। राजमार्ग पर होने वाले सड़क हादसों में घायलों को सबसे पहले यहीं लाया जाता है।
यहां एम्स की शाखा के साथ सिविल अस्पताल की शाखा भी है। पुरानी ओपीडी में डॉक्टरों सहित मरीजों की बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है। अस्पताल के आपातकालीन विभाग में मात्र छह बेड ही हैं।
एम्स के विस्तार की जरूरत समझते हुए 18 फरवरी 2014 को इसकी घोषणा की गई। हालांकि, अस्पताल में फिलहाल एक्सरे, ऑपरेशन थियेटर, टेलीमेडिसिन, प्रसव की सुविधा है, लेकिन मरीजों की संख्या के लिहाज से सुविधाएं नाकाफी होती हैं।
आधुनिक सुविधाओं लैस है नई ओपीडी
नई ओपीडी पूरी तरह वातानुकूलित बनाई गई है। जो पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां पर दो आपरेशन थिएटर बनाए गए हैं। इसमें आधुनिक ऑपरेशन उपकरण रखे जाएंगे।
जबकि एक और डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई जाएगी। बल्लभगढ़ अस्पताल में जो अब तक डाक्टर और नर्स की संख्या है, उसमें तीन गुणा इजाफा किया जाएगा। बल्लभगढ़ अस्पताल में अक्सर दिल्ली एम्स में पढने वाले छात्र दौरे पर आते है, उनके लिए छात्रावास भी बनाए जाएंगे।
जीटी रोड से सीधा जुड़ेगा आपातकालीन विभाग
राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन होती दुर्घटनाओं को देखते हुए नई ओपीडी व आपातकालीन विभाग को सीधे हाईवे से जोड़ा गया है।
इससे मरीजों को अस्पताल आनेजाने में परेशानी नहीं होगी। वहीं किसी दुर्घटना में घायल मरीजों को भी दिक्कत नहीं होगी। मरीजों का आनाजाना बाहर से होगा। यहां पर एक पार्क बनाने की भी योजना है।
नई ओपीडी बिल्डिंग में क्या-क्या होगा
-डॉक्टरों व मरीजों को बैठने के लिए अच्छी सुविधा
-ऑप्ररेशन थियेटर
-सभी लैब
-एक्सरे रूम
-अल्ट्रासाउंड रूम
-दवा केंद्र
-एमआरआई
-अन्य प्रकार की जरूरी सुविधाएं
-12 बेड का आपातकालीन वार्ड
- पांच नई प्रयोगशालाएं