सुपरफास्ट प्रीमियम ट्रेन आज भी लेट चल रही है। 50 साल पहले देश की सबसे तेज गति से चलने वाली इस ट्रेन को पटरी पर उतारा गया था। नई दिल्ली से हावड़ा के बीच शुरू की गई देश की पहली वातानुकूलित राजधानी एक्सप्रेस गोल्डन जुबली मना रही है। इस ट्रेन ने तीन मार्च को शानदार 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
सोमवार को यह ट्रेन हावड़ा से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन का फूलमाला से स्वागत किया गया। उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने ट्रेन के यात्रियों का मुंह भी मीठा करवाया व उन्हें फूल भेंट किया। हालांकि, यह ट्रेन अपने नियत समय से 1:40 घंटे की देरी से पहुंची। इसके कारण स्वागत की तैयारियों में जुटे रेलवे कर्मचारी भी ट्रेन के आगमन का इंतजार करते रहे। रेलवे अधिकारियों का कहना था कि अचानक से कोहरा रेलवे ट्रैक पर आने के कारण ट्रेन लेट हो गई।
तीन मार्च 1969 को देश की पहली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत हुई थी। ट्रेन को पूरी तरह से वातानुकूलित बनाया गया था। राजधानी एक्सप्रेस की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटा से बढ़कर अब 120 किमी प्रति घंटा हो गई है। उधर, कोहरे की चपेट में ना केवल राजधानी बल्कि लंबी दूरी की डेढ़ दर्जन से अधिक ट्रेन हैं जो कि घंटों देरी से चली। इनमें मुख्य रूप से पूर्वा, पुरुषोत्तम, नार्थ-ईस्ट, महाबोधी, हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं।
कोहरे ने थामी विमानों की रफ्तार
कोहरे ने ना केवल ट्रेनों बल्कि विमानों की रफ्तार भी थाम ली है। सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट रनवे पर अचानक कोहरा छाने के कारण विमान सेवा जबरदस्त प्रभावित हुई। कैट थ्री श्रेणी वाले विमानों का संचालन भी प्रभावित हुआ। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार सुबह 7:45 से 9:45 बजे तक कोहरे के कारण विमानों का संचालन प्रभावित हुआ।
इस दौरान 11 विमानों को दिल्ली उतरने की इजाजत एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने नहीं दी। इनमें एक विमान अंतरराष्ट्रीय व 10 घरेलू विमान शामिल थे। इन विमानों को अन्य एयरपोर्ट के लिए डाइवर्ट कर दिया गया। इन विमानों में ज्यादातर विमान के कैप्टन कैट थ्री श्रेणी वाले नहीं थे। विमानों के प्रभावित होने के कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ा।