नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान में 32वें दिव्यांग और निर्धन व्यक्तियों के सामूहिक विवाह समारोह में 52 दिव्यांग व निर्धन जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस सामूहिक विवाह में दूल्हों के लिए 52 बग्गियां और दुल्हनों के लिए डोलियां सजाई गईं। देशभर के अलग-अलग क्षेत्रों से आए इन जोड़ों को समारोह में मौजूद अतिथियों पे शुभाशीष दिया।
नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन राजौरी गार्डन में किया गया। दो दिन तक चले समारोह में दुनियाभर से आए भामाशाहों ने नव दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया।
समारोह में लगभग 3000 मेहमानों ने भाग लिया। इन जोड़ों के विवाह के लिए 52 पंडितों ने मंत्रोच्चारण किया। साथ ही दिव्यांग जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जीवनभर एक-दूजे के साथ रहने की कसमें खाईं। दिव्यांगों ने भगवान को साक्षी मानकर माता-पिता का आशीर्वाद लिया।
नारायण सेवा संस्थान व दुनियाभर से जुड़े भामाशाहों की ओर से नव दंपत्तियों को अपने जीवन को नए सिरे से शुरू करने के लिए गृहस्थी का सभी साजो सामान प्रदान किया गया। इसके अलावा वधू को श्रृंगार का सामान भी दिया गया। इस दौरान तीन दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल, आधा दर्जन ईयर मशीन व कैलिपर्स भी दिए गए। यह संस्थान अब तक 1300 से ज्यादा निर्धन जोड़ों का विवाह करवा चुका है।