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दो-तीन दिन में दिल्ली की सड़कों पर नजर आएगी कई सुविधाओं से लेस नई बसें, सीएम दिखाएंगे हरी झंडी

Sat, 27 Jul 2019 08:32 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : फाइल फोटो
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बस यात्रियों की सुविधा के लिए क्लस्टर स्कीम तहत लाई गयीं हाइड्रोलिक लिफ्ट, पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरों से युक्त 22 स्टैंडर्ड फ्लोर बसों को इसी सप्ताह हरी झंडी दिखाई जा सकती है। दिल्ली के लिए खरीदी जाने वाले एक हजार स्टैंडर्ड फ्लोर बसों में से यह पहली खेप है। हालांकि इन बसों के सड़कों पर उतारने से वर्तमान में मौजूदा बसों की संख्या में ज्यादा इजाफा नहीं होगा, लेकिन इन बसों के आने से बसों की अन्य खेप के आने का सिलसिला भी जल्द शुरू होगा।

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सूत्रों के मुताबिक इन हाईटेक स्टैंडर्ड फ्लोर बसों को राजघाट डिपो में रखा गया और दिल्ली के मुख्यमंत्री आने वाली 29 या 30 जुलाई को इन्हें हरी झंडी दिखा सकते हैं। परिवहन विभाग इन बसों को क्लस्टर बसों के बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में ये ऐसी पहली बसें होंगी जिनमें दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए हाइड्रोलिक लिफ्ट लगी है। इन बसों में महिलाओं की सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा गया है, जिसके तहत इन बसों में 14 पैनिक बटन होंगे। इसके साथ ही प्रत्येक बस में 3 सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।
 
इन बसों को जीपीएस के जरिये कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा और अगर किसी महिला ने किसी परेशानी की वजह से पैनिक बटन दबाया तो महिला को तत्काल मदद के लिए बस चालक व परिचालक को निर्देश दिये जाएंगे। इसके साथ ही अन्य स्टॉफ की मदद से बसों में महिलाओं के साथ होने वाले असमाजिक गतिविधियों की पैनी निगरानी जाएगी।
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बताया गया है कि शुरूआती फेज में इन नई बसों का रूट इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि पश्चिमी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली समेत दिल्ली के ग्रामीण इलाकों के सफर आसान किया जा सके। आने वाले कुछ महीनों में बसों की खरीद का सिलसिला बढ़ेगा और जैसे-जैसे बसों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे बसों को अन्य रूटों पर भी चलाया जाएगा।
 

एक बस में होंगी 37 सीटें

बताया गया है कि नई बसें तकनीक के मामले में पुरानी बसों से ज्यादा आधुनिक हैं। पैनिक बटन, हाइड्रोलिक लिफ्ट और सीसीटीवी कैमरों के अलावा इन बसों में 37 यात्री सीटें होंगी। 

इसके साथ ही हादसों को रोकने के लिए इन बसों की बैक साइड पर भी एक कैमरा लगा है, जिससे बस चालक को पीछे आने वाले वाहन की स्थिति का पता रहेगा, जिससे वह हर परिस्थिति में अलर्ट रहेगा और हादसों की संभावना कम रहेगी। 

इन बसों की पहली खेप को द्वारका सेक्टर-22 डिपो से चलाया जाएगा। ज्ञात हुआ है कि इसके अलावा आने वाली अन्य नई बसें बवाना सेक्टर-1, रानी खेड़ा के तीन डिपो, खडख़ड़ी नाहर और मुंडेला कलां डिपो में आएंगी, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए चलाया जाएगा।
 
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दिल्ली में आनी हैं चार हजार नई बसें

दिल्ली सरकार की योजना के तहत डीटीसी की एक हजार लो फ्लोर एसी बसों के अलावा क्लस्टर स्कीम के तहत एक हजार स्टैंडर्ड फ्लोर सीएनजी बसें व एक हजार लो फ्लोर एसी सीएनजी बसें और एक हजार लो-फ्लोर एसी इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जानी हैं। वर्तमान में दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसों को मिलाकर लगभग 5500 बसें दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रही हैं, लेकिन दिल्ली वालों की जरूरत के हिसाब से दिल्ली में 1100 हजार बसें होनी चाहिएं। अगर आने वाले कुछ महीनों में चार हजार बसें खरीद भी ली जाती हैं तो फिर भी दिल्ली में 1500 बसों की कमी बरकरार रहेगी। 

एक साल में पांच बार फेल हो चुका है डीटीसी बसों का टेंडर
दिल्ली में डीटीसी की एक हजार बसें आने हैं और बीते शुक्रवार को ही एक हजार बसों के लिए डीटीसी ने टेंडर जारी किया है। अब सवाल यह है कि क्या इस बार डीटीसी बसों के लिए डाला गया टेंडर सफल रहेगा। अगर यह टेंडर सफल हुआ तो दिल्ली वालों के लिए बेहतर है, लेकिन अगर यह टेंडर फिर से कंपनियों के रुझान ना आने की स्थिति में फेल हो गया तो बसों की खरीद फिर से अधर में लटक सकती है।
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