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हैदराबाद के वैज्ञानिकों को मिला कोरोना का नया स्ट्रेन, आक्रामक क्षमता पर शुरू हुआ अध्ययन

Sun, 07 Jun 2020 02:19 PM IST
प्राची प्रियम परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
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अब तक दुनिया भर में लाखों लोगों की जान लेने वाले कोरोना वायरस का एक और आक्रामक स्ट्रेन सामने आया है। वैज्ञानिक इसके असर को लेकर अध्ययन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित देश के कई हिस्सों में मरीजों में कोरोना वायरस का यह स्ट्रेन ए3आई मिला है।

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हैदराबाद की प्रयोगशाला में वैज्ञानिकों द्वारा खोजे गए इस नए स्ट्रेन का प्रसार लगभग ए2ए सट्रेन के बराबर ही है। जानकारी के अनुसार, भारत में अब तक कोरोना वायरस के 640 जीनोम का पता लगाया गया है, लेकिन 25 मई तक एकत्रित 361 में 213 जीनोम को गुणवत्ता के लिए आज से बेहतर माना गया। 

यह सभी जीनोम देश के 7 बड़े अनुसंधान केंद्रों से एकत्रित किए गए हैं। हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलेक्युलर बायोलॉजी सीसीएमबी के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि पांच म्यूटेशन कि अभी तक भारतीय वैज्ञानिकों के पास जानकारी थी। 
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लेकिन छठा म्यूटेशन भी अध्ययन में मिला है। 213 जिलों में से 62 में मिला ए3ए स्ट्रेन कितना असरदार है यह कोई नहीं जानता। इसलिए तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र दिल्ली और गुजरात के कुछ अस्पतालों से सैंपल मांगे गए हैं, ताकि नए और ज्यादातर मरीजों में मिल रहे इस स्ट्रेन की ताकत का पता लगाया जा सके।

स्ट्रेन ए2ए और अब ए3आई के सबसे ज्यादा मरीज देश के जिन हिस्सों में कोरोना वायरस का प्रभाव सबसे ज्यादा है, वहीं देखने को मिल रहे हैं। सीसीएमबी के अध्ययन के अनुसार, बिहार, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में सबसे ज्यादा ए3आई स्ट्रेन पाया गया है। 

इन राज्यों में कोरोना वायरस स्ट्रेन मरीजों में मिल रहे हैं। जबकि हरियाणा जम्मू-कश्मीर ओडिशा और राजस्थान में वायरस का एक ही स्ट्रेन अब तक मिला है।

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लॉकडाउन से पहले भारत आया छठवां स्ट्रेन

डॉक्टर मिश्रा का कहना है कि यह ए3आई एक अलग तरह का स्ट्रेन है। यह लॉकडाउन से पहले मार्च में यहां आया है। दूसरा सबसे ज्यादा पाया जाने वाला स्ट्रेन है। करीब 41 फीसदी मरीजों में यह स्ट्रेन मिल रहा है। इससे पहले जो ए2ए स्ट्रेन मिला था वह यूरोप और इटली के रास्ते भारत आया था। 

यह ए2ए स्ट्रेन करीब 45 फीसदी मरीजों में मिल रहा है, जबकि नया ए3आई स्ट्रेन फिलीपींस जैसे दक्षिणी पूर्वी देशों से भारत आया है। यह दोनों ही स्ट्रेन देश के 2,36,657 कोरोना वायरस में तो मरीजों में से 86 फीसदी में हैं।

अब तक वैज्ञानिकों ने ए2ए स्ट्रेन की क्षमता का पता लगाया है। यह अन्य स्ट्रेन की तुलना में तीव्र है, लेकिन ए3आई का पता लगाना अभी बाकी है।

युवाओं में ज्यादा मिला नया स्ट्रेन
19 में से 16 राज्यों के 213 जिलों में से 145 के मरीजों में ए3आई स्ट्रेन मिला। इनमें औसतन 43 पुरुषों और 19 महिलाओं के सैंपल थे, जिनमें से ए2ए स्ट्रेन 72 पुरुष और 61 महिलाओं में मिला। वैज्ञानिकों का कहना है कि नया स्ट्रेन कम आयु के मरीजों में ज्यादा है।

इंडोनेशिया के मरीज में मिला सबसे पहले
वैज्ञानिकों के अनुसार, 16 मार्च को इंडोनेशिया के एक नागरिक में ए3आई स्ट्रेन मिला था। इसके बाद छह राज्यों से जानकारी मांगी गई, तो चार राज्यों के सैंपलों में ए3आई स्ट्रेन मिला था। जिसके चलते यह अध्ययन शुरू हुआ था।
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