कोविड-19 संकट को देखते हुए राजधानी के अस्पतालों में केवल दिल्ली के निवासियों को सुविधाएं दी जाएं नहीं तो 3 दिन में सभी अस्पतालों के बेड भर जाएंगे। ये सुझाव केजरीवाल सरकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति ने दिए हैं। इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. महेश वर्मा के नेतृत्व वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट केजरीवाल सरकार को सौंप दी है। समिति की रिपोर्ट पर सरकार जल्द फैसला ले सकती है।
समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि जून माह के अंत तक दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग एक लाख पहुंच जाएंगे। इसलिए समिति ने दिल्ली सरकार को अस्पतालों में 15000 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करने की सलाह दी है। इसके साथ ही सरकार को सलाह दी गई है कि पर्याप्त ऑक्सीजन व्यवस्था के साथ इन 15000 बेड की व्यवस्था अलग-अलग होटलों में की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर दिल्ली का स्वास्थ्य ढांचा बाहरी लोगों के लिए खुला रहा तो तीन दिन में सभी अस्पतालों के बेड भर जाएंगे। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि समिति की रिपोर्ट पर सरकार जल्दी ही कोई फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि समिति सदस्यों से इस बात पर भी सलाह ली जा रही है कि दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समिति का गठन किया था। समिति को दिल्ली में अस्पतालों की समग्र तैयारी, स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे में वृद्धि और कोरोना को लेकर बेहतर प्रबंधन व आवश्यकताओं पर अपनी रिपोर्ट 6 जून तक देने को कहा था।
इस समिति सदस्यों में डॉ. महेश वर्मा के अलावा जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुनील कुमार, दिल्ली मेडिकल काउंसिल के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. अरुण गुप्ता, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरके गुप्ता और मैक्स अस्पताल के समूह चिकित्सा निदेशक डॉ. संदीप बुद्धिराजा शामिल हैं।