‘दिल्ली में भाजपा सरकार बना ले तो खुशी की बात है’ वाले बयान पर बढ़ते विरोध को देख पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने यू-टर्न ले लिया है।
सफाई में उन्होंने कहा है कि दिल्ली में भाजपा को सरकार बनानी चाहिए, ऐसा मैंने नहीं कहा है। मैंने कहा था कि यदि भाजपा के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या है तो सरकार बनाए। एक निजी चैनल से बातचीत में दीक्षित ने स्पष्टीकरण दिया।
भाजपा की सरकार बनाने की वकालत कर सुर्खियों में आई शीला दीक्षित अब बैकफुट पर दिख रही हैं। दरअसल, यह माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान दीक्षित पर कार्रवाई कर सकता है।
पार्टी ने दीक्षित के बयान से किनारा कर लिया है। वहीं, इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस साफ तौर पर दो धड़े में बंट गई।