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नेताजी को पांच साल बाद याद आए गांव

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नोएडा में प्रचार की रणनीति में वोटों की गुणा-भाग का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। वोटरों की तादाद और चुनावों में भागीदारी को देखते हुए शहरों में जहां वीकेंड पर चुनाव प्रचार का शोर हो रहा है, तो वहीं प्रत्याशियों ने गांव के वोटर्स को लुभाने के लिए पूरा जोर लगा रखा है। हर प्रत्याशी गांव को फोकस कर रहा है।
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गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर किस्मत आजमा रहे लगभग सभी बड़े दलों के प्रत्याशियों ने इन दिनों गांवों में डेरा डाला हुआ है। नोएडा और ग्रेनो के सेक्टरों में चुनाव अभियान फीका दिख रहा है, तो दादरी, जेवर, सिकंदराबाद और खुर्जा क्षेत्र में प्रत्याशियों ने ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है।

गांवों में होती है अधिक वोटिंग

पिछले चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि इस सीट पर ग्रामीण मतदाता ही भाग्य विधाता रहे हैं। ऐसे में शुरुआती दौर में हर प्रत्याशी ग्रामीण इलाकों में पकड़ मजबूत करने में जुटा है। प्रत्याशी सप्ताह के पांच दिन गांव में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। वहीं, शनिवार और रविवार शहरी क्षेत्रों के लिए रिजर्व रखा जा रहा है।

समाजसेवी अनूप खन्ना बताते हैं कि पिछले आम चुनाव में 48 फीसदी वोट पड़े थे। इसमें शहरी मत प्रतिशत महज 17 से 18 फीसदी था। ऐसे में ग्रामीण मतदाताओं में पैठ बनाना प्रत्याशियों के लिए बड़ी चुनौती होगा।

सरफाबाद के सुखवीर पहलवान का कहना है कि ग्रामीण वोटर लहर के साथ बहते हैं। प्रत्याशी जब तक गांव जाकर डोर टू डोर संपर्क नहीं साधता, तब तक उसका वोट पक्का नहीं होता। वहीं, शहरी क्षेत्र में वोटर अपने विवेक का इस्तेमाल करता है।

शहर में कार्यकर्ता को कमान

प्रत्याशी ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। वहीं, कार्यकर्ता सेक्टर-सेक्टर जाकर नेता जी के लिए वोट मांग रहे हैं। चुनाव आयोग की सख्ती की वजह से राजनीतिक दलों ने कार्यकर्ताओं की कई टोलियां शहर के अलग-अलग हिस्से में प्रचार के लिए छोड़ दी हैं।
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क्या कहते हैं आंकड़े?

विधानसभा क्षेत्र.........मत प्रतिशत
नोएडा........................48.98
दादरी.........................58.03
जेवर..........................62.05
सिकंदराबाद..................60.68
खुर्जा..........................64.32
(नोट: आंकड़े विधानसभा चुनाव 2012 पर आधारित)
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