फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: दिन-रात सता रही अपनों की चिंता, नेपाली छात्रों ने बयां किया दर्द

विज्ञापन
विज्ञापन
भारत में पढ़ रहे नेपाल के छात्र नहीं मना सकेंगे परिवार के साथ त्योहार
विज्ञापन

छात्रों ने घर वापसी की योजनाएं टालीं



अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। नेपाल में हिंसक विरोध प्रदर्शन से भारत में पढ़ाई करने वाले नेपाली छात्र अपनों के लिए काफी चिंतित हैं। नेपाली छात्रों का कहना है कि हालात सुधरने तक वह नेपाल नहीं जाएंगे लेकिन वहां रह रहे उनके परिजनों की सुरक्षा की चिंता उनको दिन-रात सता रही है। छात्रों ने बताया कि कई बार फोन पर बात न हो पाने से किसी अनहोनी की आशंका उनके मन को घेर लेती है। बीते दो दिनों से छात्रों का रात में सोना मुश्किल हो गया।
छात्र बार-बार फोन करके नेपाल में रहने वाले अपने परिजनों का हालचाल पूछ रहे है। उनकों बात करने के बाद ही तसल्ली हो पाती है लेकिन अगले ही पल मीडिया के जरिये उनके कोई ऐसी सूचना मिल जाती है जो उन्हें फिर से अंदर तक दहला देती है। इस अराजकता के बीच देश में पढ़ रहे नेपाली छात्रों ने अपनी घर वापसी की योजनाएं को टाल दिया है। साथ ही, वह अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर लगातार उनसे बातचीत कर रहे हैं। हालात को देखते हुए त्योहार की छुट्टियां में भी छात्रों ने अपने परिवार के साथ समय बिताने की योजना को फिलहाल के लिए अपने दिमाग से निकाल दिया है। छात्रों के परिजनों ने अपने जिगर के टुकड़ों को सुरक्षा का हवाला देते हुए नेपाल आने से मना किया है। अमर उजाला से बातचीत करते हुए नाम न छापने की शर्त पर कई छात्रों ने नम आंखों से अपना दर्द बयां किया। बात करते-करते उनके माथे पर अपनों की सुरक्षा को लेकर साफ चिंता की लकीर देखी जा सकती थी।
विज्ञापन




डीयू के छात्रों की आपबीती, नेपाल की स्थिति ने तोड़ा मनोबल



दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने बताया कि उन्होंने दशहरा उत्सव के लिए काठमांडू के पास अपने घर जाने की योजना रद्द कर दी है। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए उत्साहित थे लेकिन उनके परिवार ने उन्हें स्थिति स्थिर होने तक दिल्ली में ही रहने की सलाह दी।



डीयू की एक अन्य छात्रा ने बताया कि उनके दादा-दादी और अन्य रिश्तेदार नेपाल में हैं। वह उनके लिए बहुत चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि हर दिन हिंसक प्रदर्शनों की खबरें सुनकर उनका मन दुखी होता है। वह परिवार की सुरक्षा के लिए चिंतित है।
विज्ञापन




डीयू के एक प्रथम वर्ष के छात्र ने बताया कि हिंसा और मौतों की खबरों ने उन्हें हिलाकर रख दिया है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि कि आवाज उठाने पर छात्रों की हत्या हो जाएगी। उन्हें ऐसा लगता है कि देश के टुकड़े-टुकड़े किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि वह अपने दोस्तों को नेपाल की खूबसूरती देखने के लिए वहां बुलाते थे, लेकिन जो हो रहा है, उससे उन्हें दुख हो रहा है। वे हर कुछ घंटों में अपने परिवार से संपर्क कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें